
12 Mukhi Rudraksha (बारह मुखी रुद्राक्ष)
From Rs. 8,499.00
Unit price per12 Mukhi Rudraksha (बारह मुखी रुद्राक्ष)
From Rs. 8,499.00
Unit price per12 Mukhi Rudraksha (बारह मुखी रुद्राक्ष)
12 Mukhi Rudraksha (बारह मुखी रुद्राक्ष) भगवान सूर्य को समर्पित है। मस्तिष्क पर सूर्य का प्रभाव होता है। इस रुद्राक्ष को धारण करने से व्यक्ति को स्वयं की शक्ति का अहसास होता है। इसके प्रभाव से जातक के व्यक्तित्व में भी सूर्य की तरह तेज आता है। 12 मुखी रुद्राक्ष से मणिपुर चक्र संबंधित है। यह चक्र साहस और आत्म-सम्मान को दर्शाता है।
Natural 12 Face Rudraksha - Super Collector Size
Shape:- Oval / Nut Shape
Size:- 29.00 MM+ (Apx.)
Origin:- Nepali
Metal Material:- Pure Silver
100% Originality Guarantee.
Lab Testing Report Certificate will come along with 12 mukhi rudraksha.
12 मुखी रुद्राक्ष के लाभ (12 Mukhi Rudraksha Benefits in Hindi)
- इस रुद्राक्ष को पहनने से ऊर्जा और जोश आता है। सूर्य की तरह चमकने के लिए यह रुद्राक्ष धारण किया जाता है।
- यह रुद्राक्ष आपको सही समय पर सही काम करने में मदद करता है।
- निडर बनने और अपने ज्ञान की मदद कुछ कर दिखाने की शक्ति इस रुद्राक्ष से मिलती है।
- व्यापारियों, राजनेताओं, मैनेजर और प्रशासनिक अधिकारियों को यह रुद्राक्ष पहनना चाहिए। इससे इन लोगों को नाम, पैसा, शोहरत और सफलता मिलती है।
- अनुशासन और आत्मविश्वास का गुण आपको इस रुद्राक्ष से मिल सकता है।
- यह शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक शक्ति को बढ़ाता है।
- 12 मुखी पहनने से दूसरों के ऊपर निर्भरता कम हो जाती है।
- तनाव, चिंता और क्रोध को 12 मुखी रुद्राक्ष की मदद से दूर किया जा सकता है।
- यह पाचन तंत्र को मजबूत करता है और पेट से जुड़ी बीमारियों, अग्नाश्य, लिवर और छोटी आंत से संबंधित दिक्कतों को दूर करता है।
12 मुखी रुद्राक्ष की प्रयोग विधि (12 Mukhi Rudraksha ki Vidhi)
रविवार को सुबह उठें और स्नान करने के बाद पूजन स्थल के सामने पूर्व दिशा की ओर मुख कर के बैठ जाएं। अब मंदिर में तांबे के बर्तन पर 12 मुखी रुद्राक्ष रखें और इस पर गंगाजल छिड़कें। अब 108 बार ‘ऊं सूर्याय नम:’ मंत्र का जाप करें। अब 12 मुखी रुद्राक्ष को लाल या पीले रेशमी धागे में बांधकर गले या हाथ में धारण कर लें। आप रुद्राक्ष को चांदी या सोने की चेन में भी धारण कर सकते हैं।
12 मुखी रुद्राक्ष हमसे क्यों लें
Rudracharms द्वारा भेजा गया बारह मुखी रुद्राक्ष प्रमाणित है और अनुभवी आचार्य एवं पंडित जी द्वारा अभिमंत्रित करने के बाद ही इसे आपके पास भेजा जाएगा ताकि आपको इसका तुरंत और संपूर्ण लाभ मिल सके।

Natural Rudraksha Fruit Mala – 54/108 Beads for Meditation & Healing
Natural Rudraksha Fruit Mala – 54/108 Beads for Meditation & Healing
🌿 Product Description – Rudraksha Fruit (English Version):
Experience the Divine Energy of Lord Shiva with Pure Rudraksha Fruit
Rudraksha Fruit is not just a sacred item—it is a divine blessing. Known for its powerful spiritual and healing energies, Rudraksha has been used for centuries by saints, yogis, and spiritual seekers. This rare and natural fruit is used in pooja, tantra sadhna, spiritual rituals, and protection from negative energies.
Whether you're looking for peace, protection, prosperity, or spiritual awakening, this powerful item is a must-have in your sacred space.
✨ Why Choose Our Rudraksha Fruit?
- ✅ 100% Natural & Authentic Rudraksha Fruit
- ✅ Energized & Blessed for Maximum Results
- ✅ Ideal for Pooja, Talisman (Taveez), and Tantra Sadhna
- ✅ Promotes Mental Peace & Positive Energy
- ✅ Protection from Evil Eye, Black Magic & Negativity
- ✅ Used by Astrologers, Sadhaks & Spiritual Healers
📦 Product Details:
- Material: Natural Rudraksha Fruit (Unprocessed & Raw Form)
- Origin: Nepal/India (As per availability)
- Packaging: Secure & Spiritual Packaging
- Delivery: Pan India Shipping Available
🙏 Note:
This item is sacred and must be treated with respect. Keep it in a clean place, preferably near your puja area or wear it as guided by your spiritual practitioner.
Trijuti Rudraksha (त्रिजुति रुद्राक्ष)
Trijuti Rudraksha (त्रिजुति रुद्राक्ष)
Trijuti Rudraksha (त्रिजुति रुद्राक्ष)
त्रिजुति रुद्राक्ष (Trijuti Rudraksha) तीन रुद्राक्षों का एकत्रित रूप होता है, जो एक ही धागे में जुड़कर या एक साथ बढ़ते हैं। इसे भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश का प्रतीक माना जाता है। त्रिजुति रुद्राक्ष को समृद्धि, शक्ति, और संतुलन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
Natural Trijuti Rudraksha
Trijuti called Brahma, Vishnu, and Maheshwara, is a rare and powerful Rudraksha. Nature displays its creative power in this form, as three separate beads form into one naturally in the tree. Wearing this Rudraksha is said to bring with it great success and universal appeal.
Shape:- Nut Shape
Size:- 39.50 MM (Apx.)
Weight:- 5.78 gm (Apx)
Origin:- Nepali
Certification:- Lab Testing Report Certificate will come along with Gauri Path Rudraksha By GII Gemologist.
GAURI SHANKAR RUDRAKSHA (गौरीशंकर रुद्राक्ष)
GAURI SHANKAR RUDRAKSHA (गौरीशंकर रुद्राक्ष)
गौरीशंकर रुद्राक्ष (Gauri Shankar Rudraksha)
गौरीशंकर रुद्राक्ष (Gauri Shankar Rudraksha) एक विशेष प्रकार का रुद्राक्ष है, जो दो रुद्राक्षों के साथ जुड़ा होता है। यह रुद्राक्ष भगवान शिव और देवी पार्वती का प्रतीक माना जाता है। इसे एकता, प्रेम, और सामंजस्य का प्रतीक माना जाता है और यह विशेष रूप से संबंधों में सामंजस्य स्थापित करने के लिए प्रयोग किया जाता है।
Natural Gaurishankar Rudraksha (Super Collector - Antique piece)
Shape:- Round Shape
Size:- 39.00 MM (Apx.)
Weight:- 7.00 Gms (Apx.)
Origin:- Nepali
Metal Material:- Pure Silver
100% Originality Guarantee.
Certification:- The Lab Testing Report Certificate will come along with Gauri Shankar Rudraksha.
गौरीशंकर रुद्राक्ष के लाभ:(Benefits of Gaurishankar Rudraksha:)
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रिश्तों में सुधार: यह रुद्राक्ष पति-पत्नी, परिवार के सदस्यों और मित्रों के बीच प्रेम और सहयोग को बढ़ाने में सहायक होता है।
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भावनात्मक संतुलन: इसे धारण करने से व्यक्ति के भावनात्मक स्वास्थ्य में सुधार होता है और मानसिक तनाव कम होता है।
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आध्यात्मिक विकास: यह रुद्राक्ष साधक को आध्यात्मिक उन्नति और ध्यान में गहराई लाने में मदद करता है।
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सकारात्मक ऊर्जा: गौरीशंकर रुद्राक्ष नकारात्मकता को दूर करने और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने में सहायक होता है।
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धन और समृद्धि: इसे धारण करने से व्यक्ति के जीवन में धन और समृद्धि की वृद्धि होती है।
गौरीशंकर रुद्राक्ष की पूजा और धारण विधि:(Gaurishankar Ruraksha ki puja vidhi)
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शुद्धि: गौरीशंकर रुद्राक्ष को धारण करने से पहले इसे गंगाजल या दूध से शुद्ध करें।
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पूजा: इसे धारण करने से पहले भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करें और उन्हें अर्पित करें।
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मंत्र जाप: इसे धारण करते समय "ॐ नमः शिवाय" या "ॐ गौरीशंकराय नमः" का जाप करें।
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धारण का समय: इसे सोमवार को सूर्योदय के समय धारण करना शुभ माना जाता है। इसे सोने, चांदी, या लाल धागे में पिरोकर गले में पहनें।
ध्यान रखने योग्य बातें:
- साफ-सफाई: गौरीशंकर रुद्राक्ष को नियमित रूप से साफ रखें और उसकी पूजा करें।
- नकारात्मकता से दूर रहें: इसे पहनते समय नकारात्मक विचारों और गतिविधियों से दूर रहना चाहिए।
निष्कर्ष:
गौरीशंकर रुद्राक्ष एक शक्तिशाली साधना उपकरण है, जो व्यक्ति को प्रेम, सामंजस्य, और आध्यात्मिक विकास प्रदान करता है। इसे धारण करने से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आते हैं, जिससे उसका मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य सुधरता है।
गौरीशंकर रुद्राक्ष हमसे क्यों लें
Rudraksha द्वारा भेजा गया चौदह मुखी रुद्राक्ष प्रमाणित है और अनुभवी आचार्य एवं पंडित जी द्वारा अभिमंत्रित करने के बाद ही इसे आपके पास भेजा जाएगा ताकि आपको इसका तुरंत और संपूर्ण लाभ मिल सके।
8 Mukhi Rudraksha (आठ मुखी रुद्राक्ष)
8 Mukhi Rudraksha (आठ मुखी रुद्राक्ष)
8 Mukhi Rudraksha (आठ मुखी रुद्राक्ष)
8 Mukhi Rudraksha (आठ मुखी रुद्राक्ष) सभी रुद्राक्षों में से 8 (आठ) मुखी रुद्राक्ष सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है क्योंकि ये मंगलकारी भगवान गणेश का प्रतीक है। जीवन में आ रही समस्याओं को दूर करने और बुद्धि को बढ़ाने के लिए इस रुद्राक्ष को पहना जाता है। ये जीवन में संतुलन आता है और मुश्किलों से लड़ने की ताकत देता है। आठ मुखी रुद्राक्ष का स्वामी ग्रह केतु है इसलिए केतु को प्रसन्न करने के लिए भी इस रुद्राक्ष को पहना जाता है।
Natural 8 Face Rudraksha
Shape:- Oval / Nut Shape
Size:- 21 MM (Apx.)
Origin:- Nepali
Metal Material:- Pure Silver
Certification:- Eight face rudraksha will come with its Lab Certified Report Of Authenticity.
आठ मुखी रुद्राक्ष के लाभ (8 Mukhi Rudraksha Benefits in Hindi)
- केतु की कुदृष्टि और कुप्रभाव को कम करने के लिए ये रुद्राक्ष पहन सकते हैं। केतु के कुप्रभाव के कारण जीवन में समस्याएं आ रही हैं तो आपको ये रुद्राक्ष जरूर धारण करना चाहिए।
- यह रुद्राक्ष रीढ़ की हड्डी में स्थित मूलाधार चक्र को संतुलन प्रदान करता है।
- थकान और ऊर्जा में कमी की समस्या को ये रुद्राक्ष दूर करता है।
- ये रुद्राक्ष मार्ग में आने वाली परेशानियों को दूर करता है इसलिए व्यापारियों और नौकरीपेशा जातकों के लिए यह बहुत लाभकारी है।
- इससे मनुष्य को सकारात्मकता, संतुष्टि और सुख की प्राप्ति होती है।
- आठ मुखी रुद्राक्ष पैरों और हड्डियों से जुड़ी बीमारियों को दूर करता है।
- आर्थराइटिस के मरीज़ इसे पहन सकते हैं।
- मानसिक थकान दूर होती है और एनर्जी मिलती है।
- मोटापे से परेशान लोगों को भी वजन कम करने में 8 मुखी रुद्राक्ष मदद करता है।
आठ मुखी रुद्राक्ष की प्रयोग विधि (8 Mukhi Rudraksha ki Vidhi)
भगवान गणेश से संबंधित होने के कारण 8 मुखी रुद्राक्ष को बुधवार के दिन धारण करना चाहिए। बुधवार के दिन सुबह उठें और स्नान करने के बाद पूजन स्थल के सामने पूर्व दिशा की ओर मुख कर के बैठ जाएं। अब मंदिर में तांबे के बर्तन पर आठ मुखी रुद्राक्ष रखें और इस पर गंगाजल छिड़कें। अब 108 बार ‘ऊं गणेशाय नम:’ या ‘ऊं हूं नम:’ मंत्र का जाप करें। अब आठ मुखी रुद्राक्ष को लाल या पीले रेशमी धागे में बांधकर गले या हाथ में धारण कर लें। आप रुद्राक्ष को चांदी या सोने की चेन में भी धारण कर सकते हैं।
आठ मुखी रुद्राक्ष हमसे क्यों लें
Rudracharms द्वारा भेजा गया आठ मुखी रुद्राक्ष प्रमाणित है और अनुभवी आचार्य एवं पंडित जी द्वारा अभिमंत्रित करने के बाद ही इसे आपके पास भेजा जाएगा ताकि आपको इसका तुरंत और संपूर्ण लाभ मिल सके।
9 Mukhi Rudraksha (9 मुखी रुद्राक्ष)
9 Mukhi Rudraksha (9 मुखी रुद्राक्ष)
9 Mukhi Rudraksha (9 मुखी रुद्राक्ष)
Natural 9 Mukhi/Face Rudraksha (Collector Size)
Shape:- Oval / Nut Shape
Size:- 25.00 MM+ (Apx.)
Origin:- Nepali
Metal Material:- Pure Silver
NOTE: Nine face rudraksha will come with its Lab Certified Report Of Authenticity.
9 मुखी रुद्राक्ष के लाभ (9 Mukhi Rudraksha Benefits in Hindi)
- यह मस्तिष्क में स्थित सहस्र चक्र से संबंधित है जो कि संसार के साथ हमारा संबंध स्थापित करता है।
- बुरी शक्तियों और प्रेत आत्माओं से रक्षा करता है।
- शत्रुओं पर विजय पाने के लिए भी इस रुद्राक्ष को पहना जाता है। अगर आपके शत्रुओं की संख्या बढ़ गई है तो आपको ये रुद्राक्ष पहनना चाहिए।
- मां दुर्गा की कृपा पाने और चिंताओं को दूर करने के लिए इस रुद्राक्ष को पहन सकते हैं।
- साहस, ताकत, नाम और पैसा कमाने में 9 मुखी रुद्राक्ष मदद करता है।
- यह मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र के कार्यों को नियंत्रित करता है।
- चक्कर आना, त्वचा विकारों या किसी तरह के फोबिया से ग्रस्त लोगों को 9 मुखी रुद्राक्ष धारण करने से फायदा होता है।
9 मुखी रुद्राक्ष की प्रयोग विधि (9 Mukhi Rudraksha ki Vidhi)
भगवान गणेश से संबंधित होने के कारण 9 मुखी रुद्राक्ष को बुधवार के दिन धारण करना चाहिए। बुधवार के दिन सुबह उठें और स्नान करने के बाद पूजन स्थल के सामने पूर्व दिशा की ओर मुख कर के बैठ जाएं। अब मंदिर में तांबे के बर्तन पर आठ मुखी रुद्राक्ष रखें और इस पर गंगाजल छिड़कें। अब 108 बार ‘ऊं गणेशाय नम:’ या ‘ऊं हूं नम:’ मंत्र का जाप करें। अब आठ मुखी रुद्राक्ष को लाल या पीले रेशमी धागे में बांधकर गले या हाथ में धारण कर लें। आप रुद्राक्ष को चांदी या सोने की चेन में भी धारण कर सकते हैं।
9 मुखी रुद्राक्ष हमसे क्यों लें
Rudracharms द्वारा भेजा गया आठ मुखी रुद्राक्ष प्रमाणित है और अनुभवी आचार्य एवं पंडित जी द्वारा अभिमंत्रित करने के बाद ही इसे आपके पास भेजा जाएगा ताकि आपको इसका तुरंत और संपूर्ण लाभ मिल सके।
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